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बाबू शिवप्रसाद ने जापान से प्रेरित होकर की थी काशी विद्यापीठ की स्थापना, धूमधाम से मनाया गया 101वां स्थापना दिवस

आज दिनांक 10 फरवरी को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ का 101 वां स्थापना दिवस मनाया गया। यह आयोजन 8 फरवरी से शुरू होकर 10 फरवरी तक चला। आज के कार्यक्रम मुख्य रूप से उन महापुरुषों को श्रद्धांजलि है जिन्होंने काशी विद्यापीठ की स्थापना आज के दिन की थी। आज के कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आनंद कुमार त्यागी ने की। समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्र रत्न बाबू शिवप्रसाद जी के पौत्र अंबुज गुप्ता जी थे तथा विशिष्ट अतिथि के रुप में डॉक्टर भगवान दास जी के पौ डॉक्टर पुष्कर रंजन रहे अपने व्याख्यान में दोनों अतिथियों ने दोनों महापुरुषों के जीवन संघर्ष पर प्रकाश डाला। विशेष अतिथि पुष्कर रंजन जी ने कहा कि भगवान दास जी का जीवन हम सब के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है जिससे हमें सीख लेने की जरूरत है। मुख्य अतिथि अंबुज गुप्ता जी ने बाबू शिवप्रसाद गुप्त द्वारा कही गई बातों को मंच पर दोहराया और उनके द्वारा लिखी गई पुस्तकों को विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित कराने का प्रस्ताव भी रखा जिस की सहमति महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति द्वारा दे दी गई। इसके अतिरिक्त बाबू शिवप्रसाद जी द्वारा काशी विद्यापीठ को खोले जाने का रहस्य भी उजागर किया गया उन्होंने कहा कि बाबूजी को काशी विद्यापीठ खोलने की प्रेरणा जापान से मिली है क्योंकि जब बाबू शिवप्रसाद जी जापान की यात्रा पर थे तो उन्होंने देखा कि जापान में को कोई भी इसलिए गुलाम नहीं बना पाया क्योंकि वहां के लोग पूर्ण रूप से शिक्षित थे बस इसी उद्देश्य को लेकर बाबू शिवप्रसाद गुप्त जी ने जापान से लौटने के बाद महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की स्थापना कर डाली ।इसकी नीव राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी द्वारा रखी गई थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए काशी विद्यापीठ के कुलपति ने कहा कि यह दिन हमारे लिए प्रेरणा का दिन है और हम इस प्रेरणा से काशी विद्यापीठ को आगे ले जाएंगे यही हमारे संस्थापकों को सच्ची सलामी और सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने अपने संबोधन में आगे कहा की व्यक्ति का अपनी जड़ों से जुड़ाव ही प्रेरणा का स्रोत बनता है और हमारी जड़ें महात्मा गांधी बाबू शिवप्रसाद गुप्त तथा भगवान दास हैं ।राष्ट्र रत्न बाबू शिवप्रसाद जी भगवान दास जी से ही हमारी जड़ें शुरू होती हैं। कार्यक्रम का संचालन महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलानुशासक प्रोफेसर निरंजन कुमार सहाय तथा धन्यवाद ज्ञापन विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ सुनीता पांडे द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वित्त अधिकारी श्री संतोष कुमार शर्मा भी उपस्थित रहे । कार्यक्रम में छात्र कल्याण संकाय अध्यक्ष डॉक्टर बंशीधर पांडे द्वारा काशी विद्यापीठ के 100 साल के इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला गया कार्यक्रम में अध्यापकों, कर्मचारियों तथा छात्र-छात्राओं के बीच होने वाली प्रतियोगिताओं के विजेता तथा उपविजेता को ट्राफी, मेडल तथा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। गांधी अध्ययन पीठ के सभागार में होने वाले इस कार्यक्रम के पहले आज एक विशाल झांकी का भी प्रदर्शन किया गया जिसका नेतृत्व विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आनंद कुमार त्यागी के द्वारा ही किया गया ।झांकी के अतिरिक्त विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग में एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया जिसका थीम देश के विभिन्न नायकों के जीवन पर आधारित था।

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